Thursday, July 23, 2020

औकात...

तुम हमेशा कहती रही
और वह सुनता गया
तुम कोसती रही 
और वह सहता गया
सारखीच पीरपीर
अजी येकरोनावोकरोना
अब समझ ही गयी होगी
जैसे करोना, वैसे भरोना 😜😜

हर तरफ तेरे ही थे चर्चे
हर तरफ तेरा ही था जलवा
करोना को भी लगा होगा
बस हूये चर्चे तेरे, अब तेरा बहुत हुवा

बंद हुयी हर गली, 
और सारा मुहल्ला
भगवान भी हुवा कैद
और बेजुबाॅं अल्ला

ईतनी बडी दुनिया 
और एक था प्राणी
बरताव उसका ऐसा
जैसे उसके बाप की धरणी
एक सुई जगह भी
किसी को ना छोडता
जहाॅं दिखी हरीयाली
उसको उजाडता

एक दिन भगवान ने
तीसरी ॲांख खोली
ना तो रहे पेड तेरे
ना ही एक डाली
तबसे हो गई चुप
तेरी हर एक गली
इन्सान को अपनी
औकात पता चली

~ दत्ता चत्तर

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